| चरण | प्रक्रिया | विवरण |
|---|---|---|
| चरण 1 | पात्रता की जाँच | संस्थान को AYUSH मंत्रालय द्वारा निर्धारित पात्रता शर्तों को पूरा करना होगा |
| चरण 2 | DPR तैयार करना | Detailed Project Report (विस्तृत परियोजना रिपोर्ट) या प्रोजेक्ट प्रस्ताव तैयार करना |
| चरण 3 | दस्तावेज संलग्न करना | संस्थान की मान्यता, फैकल्टी विवरण और रिसर्च से संबंधित दस्तावेज जोड़ना |
| चरण 4 | आवेदन जमा करना | तैयार प्रस्ताव AYUSH मंत्रालय को भेजना या आधिकारिक माध्यम से जमा करना |
| चरण 5 | विशेषज्ञ समिति द्वारा मूल्यांकन | Program Appraisal Committee (PAC) प्रस्ताव की जांच और समीक्षा करती है |
| चरण 6 | स्वीकृति और फंड जारी | प्रस्ताव स्वीकृत होने पर परियोजना के लिए वित्तीय सहायता जारी की जाती है |
Ayurswasthya Yojana: Up-gradation of Facilities to Centre of Excellence (CoE) 2026
Ayurswasthya Yojana: Up-gradation of Facilities to Centre of Excellence (CoE) भारत सरकार के आयुष मंत्रालय की एक प्रमुख योजना है, जिसका उद्देश्य आयुष संस्थानों को आधुनिक सुविधाओं, अनुसंधान समर्थन और बेहतर शिक्षा संसाधनों के साथ Centre of Excellence के रूप में विकसित करना है, ताकि आयुर्वेद, योग, यूनानी, सिद्ध और होम्योपैथी स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत किया जा सके।

Ayurswasthya Yojana: Up-gradation of Facilities to Centre of Excellence (CoE) : मूल जानकारी
Ayurswasthya Yojana: Up-gradation of Facilities to Centre of Excellence (CoE) भारत सरकार के आयुष मंत्रालय (Ministry of AYUSH) द्वारा संचालित एक महत्वपूर्ण योजना है। इसका मुख्य उद्देश्य देश में मौजूद आयुर्वेद, योग, यूनानी, सिद्ध और होम्योपैथी (AYUSH) संस्थानों को उन्नत शोध, शिक्षा और उपचार सुविधाओं के साथ Centre of Excellence (CoE) के रूप में विकसित करना है।
भारत में आयुष चिकित्सा प्रणाली का इतिहास हजारों वर्षों पुराना है, लेकिन कई संस्थानों में आधुनिक रिसर्च लैब, डिजिटल लाइब्रेरी और क्लिनिकल सुविधाओं की कमी रही है। Ayurswasthya Yojana: Up-gradation of Facilities to Centre of Excellence (CoE) इसी अंतर को दूर करने के लिए शुरू की गई है ताकि आयुष संस्थान विश्व-स्तरीय मानकों के अनुरूप विकसित हो सकें।
इस योजना के तहत पात्र संस्थानों को वित्तीय सहायता (Financial Assistance) दी जाती है जिससे वे अपनी प्रयोगशालाओं, अस्पतालों, शिक्षण सुविधाओं और अनुसंधान क्षमता को बेहतर बना सकें। इससे न केवल आयुष शिक्षा और रिसर्च को बढ़ावा मिलता है बल्कि मरीजों को भी बेहतर स्वास्थ्य सेवाएँ उपलब्ध होती हैं।
Ayurswasthya Yojana: Up-gradation of Facilities to Centre of Excellence (CoE) : महत्वपूर्ण तिथियाँ
Ayurswasthya Yojana: Up-gradation of Facilities to Centre of Excellence (CoE) भारत सरकार के Ministry of AYUSH द्वारा लागू की गई एक केंद्रीय क्षेत्र (Central Sector) योजना है। यह योजना विशेष रूप से आयुष संस्थानों को उन्नत रिसर्च और चिकित्सा सुविधाओं के साथ Centre of Excellence (CoE) में विकसित करने के लिए शुरू की गई है।
किसी भी सरकारी योजना का लाभ लेने के लिए Important Dates (महत्वपूर्ण तिथियाँ) समझना बहुत जरूरी होता है। कई संस्थान या संगठन सिर्फ इसलिए अवसर खो देते हैं क्योंकि वे आवेदन अवधि, योजना की वैधता या प्रोजेक्ट अवधि के बारे में सही जानकारी नहीं रखते।
| महत्वपूर्ण चरण | तिथि / अवधि | टिप्पणी |
|---|---|---|
| योजना शुरू होने की तिथि | 1 अप्रैल 2021 | Ministry of AYUSH द्वारा लागू |
| योजना की स्वीकृत अवधि | 2021-22 से 2025-26 | केंद्र सरकार की स्वीकृत अवधि |
| योजना की वैधता | मार्च 2026 तक | वर्तमान चरण की अंतिम समयसीमा |
| प्रोजेक्ट सहायता अवधि | अधिकतम 3 वर्ष | प्रत्येक Centre of Excellence प्रोजेक्ट के लिए |
| प्रस्ताव जमा करने की अवधि | समय-समय पर | मंत्रालय द्वारा नोटिफिकेशन जारी होता है |
यह योजना FY 2021-22 से FY 2025-26 तक लागू है और इसकी वैधता मार्च 2026 तक निर्धारित की गई है।
Ayurswasthya Yojana: Up-gradation of Facilities to Centre of Excellence (CoE) : आवेदन शुल्क
Ayurswasthya Yojana: Up-gradation of Facilities to Centre of Excellence (CoE) के तहत आवेदन करने के लिए आमतौर पर कोई आधिकारिक आवेदन शुल्क (Official Application Fee) निर्धारित नहीं किया गया है। यह योजना Ministry of AYUSH, Government of India द्वारा चलाई जाती है और इसका उद्देश्य आयुष संस्थानों को Centre of Excellence (CoE) के रूप में विकसित करने के लिए वित्तीय सहायता प्रदान करना है।
इसलिए सरकार की ओर से आवेदन जमा करने के लिए कोई सरकारी फीस नहीं ली जाती। लेकिन व्यवहारिक रूप से कई संस्थानों को आवेदन प्रक्रिया के दौरान कुछ अप्रत्यक्ष खर्च (Hidden or Service Charges) का सामना करना पड़ सकता है।
| शुल्क का प्रकार | राशि | टिप्पणी |
|---|
| आधिकारिक आवेदन शुल्क | ₹0 | सरकार द्वारा कोई आवेदन शुल्क नहीं लिया जाता |
| प्रस्ताव तैयार करने का खर्च | संस्थान पर निर्भर | DPR (विस्तृत परियोजना रिपोर्ट) या प्रोजेक्ट रिपोर्ट तैयार करने का खर्च |
| कंसल्टेंट / एजेंट शुल्क | ₹10,000 – ₹1,00,000+ | यदि आवेदन के लिए बाहरी कंसल्टेंट या एजेंट की सहायता ली जाए |
| दस्तावेज स्कैनिंग / डिजिटल सबमिशन | ₹200 – ₹1,000 | साइबर कैफे, स्कैनिंग या ऑनलाइन अपलोड का खर्च |
| प्रिंटिंग / डॉक्यूमेंटेशन | ₹500 – ₹2,000 | प्रोजेक्ट रिपोर्ट और अन्य दस्तावेजों की प्रिंटिंग का खर्च |
Ayurswasthya Yojana: Up-gradation of Facilities to Centre of Excellence (CoE) : आयु सीमा
Ayurswasthya Yojana: Up-gradation of Facilities to Centre of Excellence (CoE) एक ऐसी सरकारी योजना है जो मुख्य रूप से आयुष संस्थानों (AYUSH Institutions) के विकास के लिए बनाई गई है। इसलिए इस योजना में सामान्य सरकारी योजनाओं की तरह व्यक्तिगत आयु सीमा (Age Limit) लागू नहीं होती।
इस योजना का उद्देश्य आयुर्वेद, योग, यूनानी, सिद्ध और होम्योपैथी से जुड़े कॉलेज, विश्वविद्यालय, रिसर्च संस्थान और अस्पतालों को Centre of Excellence (CoE) के रूप में विकसित करना है। चूंकि आवेदन संस्थान (Institution) द्वारा किया जाता है, न कि किसी व्यक्तिगत नागरिक द्वारा, इसलिए इसमें Minimum Age या Maximum Age Limit निर्धारित नहीं की गई है।
| मानदंड | विवरण | टिप्पणी |
|---|---|---|
| न्यूनतम आयु | लागू नहीं | आवेदन संस्थानों द्वारा किया जाता है |
| अधिकतम आयु | लागू नहीं | व्यक्तिगत आयु सीमा निर्धारित नहीं |
| आवेदन का प्रकार | संस्थागत (Institution Based) | आयुष कॉलेज, विश्वविद्यालय या रिसर्च सेंटर |
| आयु नियम (रिसर्च प्रोजेक्ट) | संस्थान के नियम अनुसार | अलग-अलग संस्थानों में अलग हो सकते हैं |
Ayurswasthya Yojana: Up-gradation of Facilities to Centre of Excellence (CoE) : लाभार्थी
Ayurswasthya Yojana: Up-gradation of Facilities to Centre of Excellence (CoE) का मुख्य उद्देश्य भारत में आयुष (AYUSH) चिकित्सा प्रणाली से जुड़े संस्थानों को मजबूत बनाना है। इसलिए इस योजना के मुख्य लाभार्थी (Beneficiaries) व्यक्तिगत नागरिक नहीं बल्कि आयुष शिक्षा और शोध संस्थान होते हैं।
इस योजना के माध्यम से सरकार आयुर्वेद, योग, यूनानी, सिद्ध और होम्योपैथी से जुड़े कॉलेजों, विश्वविद्यालयों और रिसर्च संस्थानों को वित्तीय सहायता प्रदान करती है ताकि उन्हें Centre of Excellence (CoE) के रूप में विकसित किया जा सके।
| लाभार्थी श्रेणी | विवरण | कैसे लाभ मिलता है |
|---|---|---|
| आयुष कॉलेज और विश्वविद्यालय | आयुर्वेद, यूनानी, सिद्ध, योग और होम्योपैथी संस्थान | इंफ्रास्ट्रक्चर और रिसर्च सुविधाओं का विकास |
| आयुष रिसर्च संस्थान | आयुष चिकित्सा पर शोध करने वाले संस्थान | रिसर्च ग्रांट और आधुनिक प्रयोगशाला |
| छात्र (Students) | आयुष शिक्षा प्राप्त करने वाले विद्यार्थी | बेहतर लैब, लाइब्रेरी और प्रशिक्षण |
| डॉक्टर और फैकल्टी | आयुष चिकित्सा विशेषज्ञ और शिक्षक | आधुनिक उपकरण और रिसर्च अवसर |
| मरीज (Patients) | आयुष चिकित्सा सेवाएं लेने वाले नागरिक | उन्नत उपचार और स्वास्थ्य सेवाएँ |
Ayurswasthya Yojana: Up-gradation of Facilities to Centre of Excellence (CoE) : आवेदन प्रक्रिया
Ayurswasthya Yojana: Up-gradation of Facilities to Centre of Excellence (CoE) के तहत आवेदन प्रक्रिया सामान्य सरकारी योजनाओं से थोड़ी अलग होती है। इसका कारण यह है कि यह योजना व्यक्तिगत नागरिकों के लिए नहीं बल्कि आयुष संस्थानों (AYUSH Institutions) के लिए बनाई गई है।
इस योजना के तहत आयुष कॉलेज, विश्वविद्यालय, शोध संस्थान या आयुष अस्पताल अपने संस्थान को Centre of Excellence (CoE) के रूप में विकसित करने के लिए आवेदन कर सकते हैं। आवेदन प्रक्रिया में संस्थान को एक Detailed Project Proposal (DPR) तैयार करना होता है, जिसे Ministry of AYUSH के पास समीक्षा के लिए भेजा जाता है।
Ayurswasthya Yojana: Up-gradation of Facilities to Centre of Excellence (CoE) :आवश्यक दस्तावेज
Ayurswasthya Yojana: Up-gradation of Facilities to Centre of Excellence (CoE) के तहत आवेदन करते समय संस्थानों को कई महत्वपूर्ण दस्तावेज जमा करने होते हैं। चूंकि यह योजना आयुष संस्थानों को Centre of Excellence (CoE) के रूप में विकसित करने के लिए बनाई गई है, इसलिए आवेदन प्रक्रिया में संस्थान की मान्यता, रिसर्च क्षमता और इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़े दस्तावेज बहुत महत्वपूर्ण होते हैं।
| दस्तावेज का नाम | विवरण | टिप्पणी |
|---|---|---|
| संस्थान की मान्यता प्रमाण पत्र | AYUSH मंत्रालय या संबंधित प्राधिकरण से प्राप्त मान्यता का प्रमाण | अनिवार्य दस्तावेज |
| विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) | Centre of Excellence के लिए तैयार की गई विस्तृत परियोजना योजना | आवेदन का मुख्य दस्तावेज |
| संस्थान की प्रोफाइल | संस्थान का इतिहास, उपलब्धियां और कार्यक्षेत्र का विवरण | प्रस्ताव के साथ संलग्न |
| फैकल्टी और स्टाफ का विवरण | डॉक्टर, प्रोफेसर और रिसर्च स्टाफ की जानकारी | योग्यता और अनुभव सहित |
| रिसर्च प्रोजेक्ट का रिकॉर्ड | पहले किए गए शोध कार्य और प्रकाशित शोध पत्रों की जानकारी | संस्थान की रिसर्च क्षमता दर्शाता है |
| इंफ्रास्ट्रक्चर का विवरण | भवन, प्रयोगशालाएँ, अस्पताल और अन्य उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी | अपग्रेडेशन योजना के लिए आवश्यक |
| वित्तीय दस्तावेज | संस्थान की वित्तीय स्थिति और प्रस्तावित बजट योजना | परियोजना लागत का विवरण |
| प्रशासनिक स्वीकृति पत्र | संस्थान के प्रबंधन या संबंधित विश्वविद्यालय की अनुमति | आधिकारिक स्वीकृति पत्र |
Ayurswasthya Yojana: Up-gradation of Facilities to Centre of Excellence (CoE) : लाभ
Ayurswasthya Yojana: Up-gradation of Facilities to Centre of Excellence (CoE) भारत सरकार के Ministry of AYUSH द्वारा चलाई जा रही एक महत्वपूर्ण योजना है। इसका उद्देश्य आयुष (AYUSH) से जुड़े संस्थानों जैसे आयुर्वेद, योग, यूनानी, सिद्ध और होम्योपैथी कॉलेजों व रिसर्च संस्थानों को Centre of Excellence (CoE) के रूप में विकसित करना है।
इस योजना के माध्यम से सरकार योग्य आयुष संस्थानों को इन्फ्रास्ट्रक्चर अपग्रेडेशन, रिसर्च सपोर्ट और आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं के लिए वित्तीय सहायता प्रदान करती है। इससे न केवल संस्थानों की गुणवत्ता बढ़ती है बल्कि छात्रों, डॉक्टरों और मरीजों को भी बेहतर सुविधाएँ मिलती हैं।
| लाभ का प्रकार | विवरण | टिप्पणी |
|---|---|---|
| इंफ्रास्ट्रक्चर विकास | संस्थानों में आधुनिक लैब, लाइब्रेरी और अस्पताल सुविधाओं का विकास | शिक्षा और उपचार दोनों बेहतर होते हैं |
| वित्तीय सहायता | केंद्र सरकार द्वारा परियोजना के लिए आर्थिक सहायता | उपकरण और भवन विकास के लिए |
| रिसर्च को बढ़ावा | आयुष चिकित्सा में वैज्ञानिक अनुसंधान को प्रोत्साहन | नई दवाओं और उपचार पद्धतियों का विकास |
| बेहतर शिक्षा | छात्रों को उन्नत प्रशिक्षण और आधुनिक संसाधन | आयुष शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ती है |
| उन्नत स्वास्थ्य सेवाएँ | मरीजों को बेहतर आयुष उपचार सुविधाएँ | पारंपरिक और आधुनिक चिकित्सा का संयोजन |
Ayurswasthya Yojana: Up-gradation of Facilities to Centre of Excellence (CoE) : पात्रता मानदंड
Ayurswasthya Yojana: Up-gradation of Facilities to Centre of Excellence (CoE) के तहत आवेदन करने से पहले यह समझना जरूरी है कि कौन-कौन से संस्थान इस योजना के लिए पात्र (Eligible) हैं। यह योजना विशेष रूप से आयुष (AYUSH) शिक्षा और शोध संस्थानों के विकास के लिए बनाई गई है, इसलिए इसमें व्यक्तिगत नागरिक नहीं बल्कि संस्थान (Institutions) आवेदन कर सकते हैं।
सरकार का उद्देश्य ऐसे आयुष संस्थानों का चयन करना है जिनके पास पहले से मजबूत शैक्षणिक आधार, अनुभवी फैकल्टी और रिसर्च क्षमता मौजूद हो। इन संस्थानों को वित्तीय सहायता देकर Centre of Excellence (CoE) के रूप में विकसित किया जाता है ताकि वे आयुष चिकित्सा, शिक्षा और अनुसंधान में उच्च स्तर की सेवाएँ प्रदान कर सकें।
| पात्रता मानदंड | विवरण | टिप्पणी |
|---|---|---|
| संस्थान का प्रकार | आयुष कॉलेज, विश्वविद्यालय या रिसर्च संस्थान | AYUSH प्रणाली से संबंधित होना चाहिए |
| मान्यता | Ministry of AYUSH या संबंधित नियामक संस्था से मान्यता | अनिवार्य |
| शैक्षणिक अनुभव | संस्थान का अच्छा शैक्षणिक और रिसर्च रिकॉर्ड | चयन में महत्वपूर्ण |
| फैकल्टी उपलब्धता | योग्य डॉक्टर, प्रोफेसर और रिसर्च स्टाफ | विशेषज्ञ टीम होना जरूरी |
| इंफ्रास्ट्रक्चर | प्रयोगशालाएँ, अस्पताल और शिक्षण सुविधाएँ | अपग्रेडेशन के लिए आधारभूत ढांचा |
| परियोजना प्रस्ताव | Detailed Project Report (DPR) प्रस्तुत करना | योजना के लिए आवश्यक |
Ayurswasthya Yojana: Up-gradation of Facilities to Centre of Excellence (CoE) : अपवाद
Ayurswasthya Yojana: Up-gradation of Facilities to Centre of Excellence (CoE) के तहत पात्रता और आवेदन प्रक्रिया के लिए कुछ स्पष्ट नियम निर्धारित किए गए हैं। लेकिन कई सरकारी योजनाओं की तरह इसमें भी कुछ Exceptions (विशेष अपवाद) या विशेष परिस्थितियाँ हो सकती हैं, जहाँ कुछ शर्तों में लचीलापन दिया जाता है।
1. नए आयुष संस्थानों के लिए अवसर
सामान्यतः इस योजना में उन संस्थानों को प्राथमिकता दी जाती है जिनके पास पहले से मजबूत रिसर्च रिकॉर्ड और शैक्षणिक अनुभव होता है।
लेकिन कुछ मामलों में यदि कोई नया संस्थान उच्च गुणवत्ता वाली रिसर्च योजना और आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर विकास योजना प्रस्तुत करता है, तो उसे भी इस योजना के तहत विचार किया जा सकता है।
2. सरकारी और सार्वजनिक संस्थानों को प्राथमिकता
कई बार केंद्र या राज्य सरकार द्वारा संचालित आयुष संस्थानों को प्राथमिकता दी जाती है, क्योंकि इन संस्थानों का उद्देश्य सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाना होता है।
3. राष्ट्रीय महत्व के आयुष संस्थान
कुछ संस्थान जिन्हें राष्ट्रीय महत्व (Institute of National Importance) का दर्जा प्राप्त है, उन्हें Centre of Excellence बनने के लिए अतिरिक्त अवसर मिल सकता है।
इन संस्थानों के पास आमतौर पर मजबूत रिसर्च नेटवर्क और विशेषज्ञ फैकल्टी होती है।
4. विशेष रिसर्च परियोजनाओं के लिए अपवाद
यदि कोई संस्थान राष्ट्रीय स्वास्थ्य से जुड़ी महत्वपूर्ण रिसर्च परियोजना पर काम कर रहा है, तो उसके प्रस्ताव को प्राथमिकता दी जा सकती है।
उदाहरण के लिए:
- आयुष आधारित नई दवाओं का विकास
- पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों पर वैज्ञानिक शोध
- आयुष और आधुनिक चिकित्सा के संयोजन पर अध्ययन
5. दूरदराज और क्षेत्रीय जरूरतों वाले क्षेत्र
- कुछ मामलों में सरकार उन क्षेत्रों को प्राथमिकता देती है जहाँ आयुष स्वास्थ्य सेवाओं की कमी है।
- ऐसे क्षेत्रों में स्थित संस्थानों को Centre of Excellence विकसित करने के लिए विशेष प्रोत्साहन मिल सकता है।
Ayurswasthya Yojana: Up-gradation of Facilities to Centre of Excellence (CoE) : आधिकारिक वेबसाइट
Ayurswasthya Yojana: Up-gradation of Facilities to Centre of Excellence (CoE) से संबंधित सही और विश्वसनीय जानकारी प्राप्त करने के लिए हमेशा आधिकारिक सरकारी पोर्टल (Official Government Portals) का उपयोग करना चाहिए। कई बार इंटरनेट पर कई अनौपचारिक वेबसाइटें भी इस योजना के बारे में जानकारी देती हैं, लेकिन आवेदन या दिशानिर्देशों के लिए केवल Ministry of AYUSH और उसके अधिकृत पोर्टल ही भरोसेमंद माने जाते हैं।
Ayurswasthya Yojana: Up-gradation of Facilities to Centre of Excellence (CoE) : स्रोत और संदर्भ
किसी भी सरकारी योजना के बारे में जानकारी लिखते समय विश्वसनीय और आधिकारिक स्रोत (Trusted & Official Sources) का उपयोग करना बेहद जरूरी होता है। इससे पाठकों को यह भरोसा मिलता है कि दी गई जानकारी सही, अपडेटेड और प्रमाणित है।
Ayurswasthya Yojana: Up-gradation of Facilities to Centre of Excellence (CoE) : सवाल
Ayurswasthya Yojana: Up-gradation of Facilities to Centre of Excellence (CoE) के बारे में कई संस्थानों, छात्रों और आयुष क्षेत्र से जुड़े लोगों के मन में विभिन्न सवाल होते हैं। यह योजना मुख्य रूप से आयुष संस्थानों के विकास और उन्हें Centre of Excellence (CoE) के रूप में स्थापित करने के लिए बनाई गई है।
1. Ayurswasthya Yojana: Up-gradation of Facilities to Centre of Excellence (CoE) क्या है?
यह भारत सरकार के Ministry of AYUSH द्वारा शुरू की गई एक केंद्रीय योजना है जिसका उद्देश्य आयुर्वेद, योग, यूनानी, सिद्ध और होम्योपैथी से जुड़े संस्थानों को Centre of Excellence (CoE) के रूप में विकसित करना है। इसके तहत संस्थानों को इन्फ्रास्ट्रक्चर विकास, रिसर्च और शिक्षा सुविधाओं के लिए वित्तीय सहायता दी जाती है।
2. इस योजना का मुख्य उद्देश्य क्या है?
इस योजना का मुख्य उद्देश्य आयुष संस्थानों को मजबूत बनाना और उन्हें उच्च स्तरीय शिक्षा, अनुसंधान और स्वास्थ्य सेवाएँ प्रदान करने में सक्षम बनाना है। इससे आयुष चिकित्सा प्रणाली को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ावा मिलता है।
3. Ayurswasthya Yojana: Up-gradation of Facilities to Centre of Excellence (CoE) के लिए कौन आवेदन कर सकता है?
इस योजना के लिए आवेदन आयुष कॉलेज, विश्वविद्यालय, रिसर्च संस्थान और आयुष अस्पताल कर सकते हैं जो Ministry of AYUSH या संबंधित नियामक संस्था से मान्यता प्राप्त हों।
4. क्या इस योजना में व्यक्तिगत नागरिक आवेदन कर सकते हैं?
नहीं, यह योजना व्यक्तिगत नागरिकों के लिए नहीं है। इसमें केवल संस्थान (Institutions) ही आवेदन कर सकते हैं। हालांकि इसका लाभ अप्रत्यक्ष रूप से छात्रों, डॉक्टरों और मरीजों को मिलता है।
5. क्या Ayurswasthya Yojana के लिए कोई आवेदन शुल्क है?
नहीं, इस योजना के लिए सरकार द्वारा कोई आधिकारिक आवेदन शुल्क निर्धारित नहीं किया गया है। लेकिन कुछ मामलों में दस्तावेज तैयार करने, स्कैनिंग या कंसल्टेंट सेवाओं के कारण अतिरिक्त खर्च हो सकता है।
6. Centre of Excellence (CoE) बनने से संस्थान को क्या लाभ मिलता है?
Centre of Excellence बनने के बाद संस्थान को:
- आधुनिक लैब और रिसर्च सुविधाएँ
- बेहतर शिक्षण संसाधन
- वित्तीय सहायता
- उन्नत आयुष चिकित्सा सेवाएँ
- जैसे कई लाभ मिलते हैं।
7. आवेदन प्रक्रिया कैसे होती है?
संस्थान को पहले Detailed Project Report (DPR) तैयार करनी होती है जिसमें Centre of Excellence विकसित करने की योजना और बजट शामिल होता है। इसके बाद यह प्रस्ताव Ministry of AYUSH को भेजा जाता है, जहां विशेषज्ञ समिति द्वारा समीक्षा की जाती है।
8. योजना की अवधि कितनी है?
Ayurswasthya Yojana वर्तमान में 2021-22 से 2025-26 तक लागू है। इस अवधि के दौरान पात्र संस्थान Centre of Excellence के लिए आवेदन कर सकते हैं।
9. क्या नए आयुष संस्थान भी इस योजना के लिए आवेदन कर सकते हैं?
कुछ विशेष परिस्थितियों में नए संस्थान भी आवेदन कर सकते हैं, यदि उनके पास मजबूत रिसर्च योजना और आवश्यक इंफ्रास्ट्रक्चर मौजूद हो।
10. इस योजना की जानकारी कहाँ से प्राप्त की जा सकती है?
इस योजना की पूरी और सही जानकारी Ministry of AYUSH की आधिकारिक वेबसाइट और AYUSH NGO Portal पर उपलब्ध है। आवेदन से पहले आधिकारिक गाइडलाइन पढ़ना बेहद जरूरी है।
Ayurswasthya Yojana: Up-gradation of Facilities to Centre of Excellence (CoE) : संबंधित योजनाएँ
Ayurswasthya Yojana: Up-gradation of Facilities to Centre of Excellence (CoE) आयुष (AYUSH) क्षेत्र को मजबूत बनाने के लिए शुरू की गई एक केंद्रीय योजना है। लेकिन यह अकेली योजना नहीं है जो आयुष चिकित्सा, अनुसंधान और स्वास्थ्य सेवाओं के विकास के लिए काम करती है। भारत सरकार और आयुष मंत्रालय द्वारा कई अन्य योजनाएँ भी संचालित की जा रही हैं जो आयुष शिक्षा, अनुसंधान, औषधि गुणवत्ता और अंतरराष्ट्रीय सहयोग को बढ़ावा देती हैं।
- नेशनल आयुष मिशन (National AYUSH Mission – NAM)
- आयुष औषधि गुणवत्ता एवं उत्पादन संवर्धन योजना (AOGUSY)
- आयुष में सूचना, शिक्षा और संचार (IEC) संवर्धन
- आयुष में अंतरराष्ट्रीय सहयोग को बढ़ावा
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