PM Kisan Urja Suraksha Evam Utthan Mahabhiyan 2026 Fabulous

PM Kisan Urja Suraksha Evam Utthan Mahabhiyan 2026
नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय (एमएनआरई) द्वारा मार्च 2019 मेंPradhan Mantri Kisan Urja Suraksha Evam Utthan Mahabhiyan Scheme For Farmers. शुरू की गई थी। इसका उद्देश्य किसानों को खेती के लिए सौर सिंचाई पंप लगाने हेतु सब्सिडी प्रदान करना है। प्रत्येक किसान को ट्यूबवेल और पंप सेट लगाने के लिए 60% सब्सिडी मिलेगी। उन्हें सरकार से कुल लागत का 30% ऋण के रूप में भी मिलेगा।
पीएम कुसुम योजना का मुख्य उद्देश्य हमारे किसानों को अत्याधुनिक तकनीक उपलब्ध कराना और कृषि क्षेत्र को डीजल-मुक्त सिंचाई के स्रोत प्रदान करना है। इस योजना के मुख्य उद्देश्य हैं:
सौर पंप हमारे किसानों को अधिक प्रभावी और पर्यावरण-अनुकूल सिंचाई में सहायता करते हैं क्योंकि ये सुरक्षित ऊर्जा उत्पन्न करने में सक्षम हैं। इसके अलावा, पंप सेट एक ऊर्जा ग्रिड का निर्माण करते हैं जो डीजल-चालित पंपों की तुलना में अधिक ऊर्जा उत्पन्न करता है। किसान अपनी आय बढ़ाने के लिए अतिरिक्त बिजली सीधे हमारी सरकार को बेच सकेंगे।
कुसुम योजना में तीन घटक शामिल हैं जिनकी अलग-अलग विशेषताएँ हैं:
घटक क: कुल 10 जीवी ग्रिड-कनेक्टेड स्टिल्ट-माउंटेड विकेन्द्रीकृत सौर संयंत्र और अन्य नवीकरणीय ऊर्जा-आधारित बिजली संयंत्र स्थापित करना। प्रत्येक संयंत्र का आकार 500 किलोवाट से 2 मेगावॉट तक है। घटक ख: 7.5 एचपी तक की व्यक्तिगत क्षमता वाले 17.50 लाख रुपये मूल्य के एकल सौर पंप स्थापित करना। घटक ग: 7.5 एचपी क्षमता वाले 10 लाख ग्रिड-कनेक्टेड कृषि पंपों के लिए वित्तीय सहायता प्रदान करना।
PM Kisan Urja Suraksha Evam Utthan Mahabhiyan 2026: महत्वपूर्ण तिथियाँ
Pradhan Mantri Kisan Urja Suraksha Evam Utthan Mahabhiyan 2026 (PM-KUSUM Scheme) एक केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजना है, जिसे किसानों को ऊर्जा सुरक्षा, सोलर पंप सब्सिडी, और आय-उत्थान अवसर देने के लिए नवंबर-दिसंबर 2025 से 31 मार्च 2026 तक लागू रखा गया है 📅। इसका लक्ष्य है कि 2026 की समाप्ति तक सोलर ऊर्जा क्षमता का विस्तार और किसानों को सस्ती सिंचाई और अतिरिक्त आय की दिशा में मदद मिल सके।
यह Important Dates (महत्वपूर्ण तिथियाँ) सेक्शन आपको योजना से जुड़े प्रमुख निर्धारित तिथियों, आवेदन की अंतिम तिथि, सब्सिडी बुकिंग तिथियों और संभावित extensions की जानकारियाँ देगा — ताकि आप समय से आवेदन कर सकें और योजना का पूरा लाभ उठा सकें।
🗓️ PM KUSUM 2026 – Key Important Dates Table
| क्रम | महत्वपूर्ण तिथि/इवेंट | विवरण | टिप्पणी |
|---|---|---|---|
| 1 | 31 मार्च 2026 | PM-KUSUM योजना का निर्धारित समापन तिथि | सरकार द्वारा योजना को मूल रूप से 31 मार्च 2026 तक बढ़ाया गया है। |
| 2 | 15 दिसंबर 2025 | सोलर पंप सब्सिडी के लिए आवेदन की ऑनलाइन बुकिंग अंतिम तिथि (कुछ राज्यों) | कई राज्य कृषि विभागों में पंप बुकिंग के लिए 15 दिसंबर तक आवेदन करने का नोटिस जारी हुआ। |
| 3 | 30 नवंबर 2025 | योजना के घटकों के तहत प्रगति डेटा cutoff | केंद्रीय रिपोर्ट के अनुसार यहां तक की प्रगति का आंकलन किया गया। |
| 4 | 17 जनवरी 2024 – 17 मार्च 2024 | व्यापक दिशा-निर्देश पहले जारी किए गए | हालांकि यह पुराना है, यह दिशा-निर्देश PM-KUSUM के पहले व्यापक rollout directives का आधार थे। |
| 5 | तय नहीं | संभावित कार्यान्वयन विस्तार / Extension beyond 31 March 2026 | आधिकारिक संकेतों के अनुसार सरकार संभवतः योजना समय सीमा को आगे भी बढ़ा सकती है ताकि लक्ष्य प्राप्त हो सके (अनधिकृत रिपोर्ट/सूचना) |
PM Kisan Urja Suraksha Evam Utthan Mahabhiyan 2026: आवेदन शुल्क
Pradhan Mantri Kisan Urja Suraksha Evam Utthan Mahabhiyan 2026 is not a direct loan or insurance where you pay premium every year — चूंकि यह एक सब्सिडी-आधारित सोलर ऊर्जा योजना है, इसके Fees & Charges की संरचना भी अलग तरह की होती है। Officially, योजना के लिए ऐप्लिकेशन फीस नहीं होती, परन्तु किसानों को hidden costs / service charges का सामना करना पड़ सकता है यदि वे सही जानकारी न रखें।
💰 PM KUSUM 2026 फीस टेबल
| शुल्क / फीस का प्रकार | राशि | किस पर लागू | टिप्पणी |
|---|---|---|---|
| 🟢 आवेदन शुल्क (Application Fee) | ₹0 | सभी किसान | सरकारी पोर्टल से आवेदन पूरी तरह निःशुल्क |
| 🟡 रजिस्ट्रेशन शुल्क (Registration Fee) | ₹0 | सभी किसान | सरकार कोई रजिस्ट्रेशन फीस नहीं लेती |
| 🔵 सिस्टम इंस्टॉलेशन शुल्क | Vendor पर निर्भर | सोलर पंप / सोलर प्लांट | आमतौर पर ₹20,000 – ₹50,000 (बाज़ार दर) |
| 🔸 सेवा / कंसल्टेंसी शुल्क | ₹500 – ₹5,000+ | थर्ड-पार्टी एजेंट | केवल तभी, जब एजेंट की मदद ली जाए |
| 🔹 दस्तावेज़ स्कैन / प्रिंट शुल्क | ₹50 – ₹300 | साइबर कैफे / प्रिंट शॉप | फॉर्म भरने व दस्तावेज़ अपलोड का खर्च |
| 🔻 बैंक ट्रांजैक्शन शुल्क | ₹0 – ₹50 | ऑनलाइन भुगतान | बैंक या पेमेंट गेटवे द्वारा लिया गया मामूली चार्ज |
🟢 Official Core Fees = ₹0 (सबसे ज़रूरी बात)
👉 सीधे सरकार या PM-KUSUM के आधिकारिक पोर्टल से आवेदन करने पर
- कोई Application Fee नहीं
- कोई Processing Fee नहीं
- कोई Registration Charge नहीं
- इसका सीधा फायदा यह है कि गरीब, छोटे और सीमांत किसान बिना किसी सरकारी शुल्क के इस योजना के लिए पात्र बन सकते हैं।
PM Kisan Urja Suraksha Evam Utthan Mahabhiyan 2026: उम्र सीमा
Pradhan Mantri Kisan Urja Suraksha Evam Utthan Mahabhiyan 2026 ) का उद्देश्य किसानों को सोलर ऊर्जा के ज़रिये आत्मनिर्भर बनाना है। इसलिए इस योजना में Age Limit को बहुत flexible रखा गया है, ताकि ज़्यादा से ज़्यादा किसान इसका लाभ उठा सकें।
कई सरकारी योजनाओं में जहाँ सख़्त आयु सीमा होती है, वहीं PM-KUSUM में किसान की सक्रिय खेती और भूमि स्वामित्व को ज़्यादा महत्व दिया गया है, न कि सिर्फ उम्र को।
📊 PM KUSUM 2026 Age Limit – Official Overview Table
| आयु मानदंड | विवरण | Remark |
|---|---|---|
| 🔹 न्यूनतम आयु | 18 वर्ष | आवेदक का वयस्क होना ज़रूरी |
| 🔹 अधिकतम आयु | कोई सख़्त सीमा नहीं | राज्य-स्तरीय दिशा-निर्देश लागू |
| 🔸 वरिष्ठ किसान (Senior Farmers) | पात्र | यदि भूमि व बैंक खाते मान्य हों |
| 🔸 संयुक्त भूमि (Joint Land Holder) | पात्र | सहमति/घोषणा पत्र आवश्यक |
| 🔹 उत्तराधिकारी/वारिस | पात्र | वैध दस्तावेज़ होने पर |
👉 महत्वपूर्ण बात: केंद्र सरकार की ओर से कोई Upper Age Limit fix नहीं की गई है, लेकिन कुछ राज्यों में अपने internal guidelines हो सकते हैं।
PM Kisan Urja Suraksha Evam Utthan Mahabhiyan 2026: लाभार्थी
Pradhan Mantri Kisan Urja Suraksha Evam Utthan Mahabhiyan 2026 का सबसे बड़ा फोकस है वास्तविक किसानों तक लाभ पहुँचाना। इसलिए इस योजना में “Beneficiary (लाभार्थी)” की परिभाषा सिर्फ काग़ज़ी नहीं, बल्कि ज़मीनी सच्चाई को ध्यान में रखकर तय की गई है।
सरकार का उद्देश्य है कि जिन किसानों को सिंचाई में बिजली/डीज़ल की समस्या, ऊँची लागत, और अनियमित पावर सप्लाई का सामना करना पड़ता है, वही इस योजना के मुख्य लाभार्थी बनें। यह योजना Ministry of New and Renewable Energy के अंतर्गत लागू की जाती है और राज्य सरकारें इसे ज़मीनी स्तर पर implement करती हैं।
🎯 PM KUSUM 2026 के मुख्य लाभार्थी कौन हैं? (Overview Table)
| लाभार्थी श्रेणी | विवरण | Remark |
|---|---|---|
| 👨🌾 व्यक्तिगत किसान | जिनके पास कृषि भूमि है | सबसे प्राथमिक लाभार्थी |
| 🌱 छोटे एवं सीमांत किसान | 2 हेक्टेयर तक भूमि | सब्सिडी प्राथमिकता |
| ⚡ ग्रिड से जुड़े किसान | DISCOM कनेक्शन वाले | अतिरिक्त बिजली बेच सकते हैं |
| 🚜 ऑफ-ग्रिड किसान | बिजली कनेक्शन नहीं | सोलर पंप का लाभ |
| 👨👩👦 संयुक्त परिवार किसान | साझा भूमि | Consent आवश्यक |
| 🏞️ बंजर/अनुपयोगी भूमि वाले किसान | सोलर प्लांट हेतु | अतिरिक्त आय का अवसर |
PM Kisan Urja Suraksha Evam Utthan Mahabhiyan 2026: आवेदन प्रक्रिया
इच्छुक व्यक्ति नीचे दी गई प्रक्रियाओं का पालन करके कुसुम योजना के लिए आवेदन कर सकते हैं –
चरण 1: आधिकारिक पोर्टल पर जाएँ और पंजीकरण अनुभाग पर क्लिक करें।
चरण 2: अपनी स्क्रीन पर दिखाई देने वाले पंजीकरण फ़ॉर्म को सभी आवश्यक विवरणों के साथ भरें।
चरण 3: घोषणा बॉक्स पर निशान लगाएँ और “सबमिट” पर क्लिक करें।
चरण 4: पंजीकरण के बाद, सौर कृषि पंपसेट सब्सिडी योजना 2021 के लिए “लॉग इन” पर क्लिक करें।
चरण 5: ऑनलाइन आवेदन पत्र में सभी आवश्यक जानकारी सही-सही भरें, सभी सहायक दस्तावेज़ संलग्न करें और जमा करें।
नोट: कुसुम योजना के लिए सफल ऑनलाइन आवेदन के बाद, किसानों को विभाग द्वारा भेजे गए आपूर्तिकर्ता को सौर पंप स्थापित करने के लिए कुल लागत का 10% जमा करना होगा। सब्सिडी राशि स्वीकृत होने के बाद सौर पंप सेट चालू हो जाएगा, जिसमें आमतौर पर 90 से 10 दिन लगते हैं।
PM Kisan Urja Suraksha Evam Utthan Mahabhiyan 2026: आवश्यक दस्तावेज
Pradhan Mantri Kisan Urja Suraksha Evam Utthan Mahabhiyan 2026 में आवेदन करते समय सही और पूरे दस्तावेज़ होना सबसे ज़्यादा ज़रूरी होता है। ज़मीनी हकीकत यह है कि ज़्यादातर आवेदन पात्रता की वजह से नहीं, बल्कि गलत या अधूरे documents की वजह से reject हो जाते हैं।
📊 PM KUSUM 2026 Required Documents – Official List Table
| दस्तावेज़ का नाम | उद्देश्य | Remark |
|---|---|---|
| 🆔 आधार कार्ड | पहचान सत्यापन | आधार बैंक खाते से लिंक होना चाहिए |
| 🏦 बैंक पासबुक | सब्सिडी ट्रांसफर | IFSC, Account No. साफ दिखे |
| 🌾 भूमि दस्तावेज़ (खसरा/पट्टा) | कृषि भूमि प्रमाण | आवेदक के नाम या संयुक्त भूमि |
| 📍 निवास प्रमाण पत्र | राज्य/जिला सत्यापन | वही राज्य जहाँ आवेदन |
| ⚡ बिजली कनेक्शन विवरण | Component-C हेतु | DISCOM उपभोक्ता संख्या |
| 📄 सहमति पत्र (Joint Land) | संयुक्त भूमि स्थिति | सभी सह-स्वामियों के हस्ताक्षर |
| 🧾 मोबाइल नंबर | OTP व अपडेट | आधार से लिंक होना बेहतर |
| 🖼️ पासपोर्ट साइज फोटो | आवेदन प्रोफाइल | हाल की फोटो होनी चाहिए |
PM Kisan Urja Suraksha Evam Utthan Mahabhiyan 2026: लाभ
Pradhan Mantri Kisan Urja Suraksha Evam Utthan Mahabhiyan 2026 किसानों के लिए सिर्फ एक सब्सिडी योजना नहीं है, बल्कि यह खेती को सस्ती, टिकाऊ और लाभकारी बनाने का एक शानदार अवसर है। इस योजना का सबसे बड़ा फायदा यह है कि किसान अब केवल बिजली उपभोक्ता नहीं रहता, बल्कि ऊर्जा उत्पादक (Energy Producer) भी बन सकता है।
📊 Pradhan Mantri Kisan Urja Suraksha Evam Utthan Mahabhiyan 2026 – Benefits Summary Table
| लाभ का प्रकार | क्या मिलता है | किसान को सीधा फायदा |
|---|---|---|
| 🌞 सोलर पंप सब्सिडी | 60%–90% तक सरकारी सहायता | डीज़ल खर्च खत्म |
| ⚡ ग्रिड-कनेक्टेड सोलर प्लांट | अतिरिक्त बिजली उत्पादन | बिजली बेचकर आय |
| 💸 बिजली बिल में राहत | सोलर से सिंचाई | ज़ीरो/न्यूनतम बिल |
| 🌾 खेती की लागत में कमी | कम मेंटेनेंस | मुनाफ़ा बढ़ता है |
| 🌍 पर्यावरण लाभ | ग्रीन एनर्जी | प्रदूषण में कमी |
PM Kisan Urja Suraksha Evam Utthan Mahabhiyan 2026: पात्रता मानदंड
Pradhan Mantri Kisan Urja Suraksha Evam Utthan Mahabhiyan 2026 (PM-KUSUM Scheme 2026) का लाभ हर किसी को नहीं, बल्कि वास्तविक और पात्र किसानों को देने के लिए सरकार ने स्पष्ट Eligibility Criteria तय किए हैं।
यह मानदंड इसलिए ज़रूरी हैं ताकि सब्सिडी सही हाथों तक पहुँचे, फर्जी आवेदन रोके जाएँ और किसानों को समय पर लाभ मिल सके।
📊 PM KUSUM 2026 Eligibility Criteria – Official Table
| पात्रता बिंदु | शर्त | Remark |
|---|---|---|
| 🌾 किसान होना | आवेदक किसान होना चाहिए | खेती से जुड़ा होना अनिवार्य |
| 🇮🇳 राष्ट्रीयता | भारतीय नागरिक | अनिवार्य |
| 📄 भूमि स्वामित्व | कृषि भूमि हो | अपने नाम या संयुक्त |
| ⚡ बिजली कनेक्शन | Component-C के लिए आवश्यक | DISCOM उपभोक्ता |
| 🔌 ऑफ-ग्रिड किसान | Component-B के लिए पात्र | बिजली कनेक्शन अनिवार्य नहीं |
| 🏦 बैंक खाता | आधार से लिंक | DBT के लिए जरूरी |
| 📱 मोबाइल नंबर | सक्रिय होना चाहिए | OTP/Updates हेतु |
Pradhan Mantri Kisan Urja Suraksha Evam Utthan Mahabhiyan 2025 के अपवाद:
किसानों के लिए Pradhan Mantri Kisan Urja Suraksha Evam Utthan Mahabhiyan 2025 में लाभ प्राप्त करने वालों के लिए कोई विशेष अपवाद नहीं है, बल्कि कुछ क्षेत्रों में सब्सिडी संरचना और पंप क्षमता के लिए अपवाद हैं। पहाड़ी राज्यों, उत्तर-पूर्वी राज्यों और द्वीपीय संघ शासित प्रदेशों को केन्द्र सरकार से अधिक सब्सिडी मिलती है, लेकिन इन क्षेत्रों के किसान कुल लागत में कम प्रतिशत का योगदान करते हैं। इसके अलावा, घटक बी और सी (पंपों का सौरीकरण) के लिए, केंद्रीय वित्तीय सहायता (सीएफए) 7.5 एचपी पंप के लिए लागू सब्सिडी तक सीमित है, भले ही उच्च क्षमता वाला पंप स्थापित किया गया हो।
Pradhan Mantri Kisan Urja Suraksha Evam Utthan Mahabhiyan 2025 की आधिकारिक वेबसाईट:
https://pmkusum.mnre.gov.in/#/landing
Pradhan Mantri Kisan Urja Suraksha Evam Utthan Mahabhiyan 2025 के लिए अन्य स्रोत:
Expanded Scope Of PM- Kusum Scheme
PM – Kusum .State Portal Link. ( Jammu,& Kashmir)
List Of Implementing Agencies – State- Wise & Compoment – Wise
Pradhan Mantri Kisan Urja Suraksha Evam Utthan Mahabhiyan 2025 के अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs):
- पीएम-कुसुम योजना के अंतर्गत समर्थित विभिन्न प्रकार की प्रणालियाँ क्या हैं?
- पीएम-कुसुम योजना तीन अलग-अलग प्रकार की स्थापनाओं का समर्थन करती है, जिन्हें योजना के तीन घटक कहा जाता है, जैसा कि नीचे दिया गया है:
- घटक-क: 2 मेगावाट क्षमता तक के विकेन्द्रीकृत भू/स्तंभ पर स्थापित ग्रिड से जुड़े सौर या अन्य नवीकरणीय ऊर्जा आधारित बिजली संयंत्रों की स्थापना
- घटक-ख: 7.5 एचपी तक की क्षमता वाले एकल सौर कृषि पंपों की स्थापना
- घटक-ग: 7.5 एचपी तक की क्षमता वाले मौजूदा ग्रिड से जुड़े कृषि पंपों का सौरीकरण
- पीएम-कुसुम योजना तीन अलग-अलग प्रकार की स्थापनाओं का समर्थन करती है, जिन्हें योजना के तीन घटक कहा जाता है, जैसा कि नीचे दिया गया है:
- पीएम-कुसुम योजना का घटक-क क्या है?
- इस घटक के अंतर्गत, 500 किलोवाट से 2 मेगावाट क्षमता वाले सौर या अन्य नवीकरणीय ऊर्जा आधारित बिजली संयंत्र मुख्य रूप से बंजर या अनुपजाऊ कृषि भूमि पर स्थापित किए जा सकते हैं। इस योजना के अंतर्गत कृषि भूमि की भी अनुमति है, बशर्ते सौर संयंत्रों को स्लिट शैली (अर्थात सौर पैनलों की स्थापना के लिए ऊँची संरचना) में स्थापित किया जाए और पैनल पंक्तियों के बीच पर्याप्त दूरी हो ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि कृषि गतिविधि प्रभावित न हो।
- पीएम-कुसुम योजना के घटक-ए के अंतर्गत कौन पात्र है?
- व्यक्तिगत किसान/किसानों का समूह/सहकारी समितियाँ/पंचायतें/कृषक उत्पादक संगठन (एफपीओ)/जल उपयोगकर्ता संघ (डब्ल्यूयूए)। जिस भूमि पर परियोजना स्थापित करने का प्रस्ताव है, वह निकटतम विद्युत उप-केंद्र से 5 किमी के भीतर होनी चाहिए।
- उत्पादित बिजली कौन खरीदेगा?
- उत्पादित बिजली स्थानीय विद्युत वितरण कंपनियों (डिस्कॉम) द्वारा खरीदी जाएगी।
- क्या किसान घटक-ए के अंतर्गत नवीकरणीय ऊर्जा संयंत्र के विकास के लिए अपनी भूमि पट्टे पर दे सकते हैं?
- हाँ, किसान अपनी भूमि पर नवीकरणीय ऊर्जा परियोजना स्थापित कर सकते हैं या दोनों पक्षों के बीच आपसी सहमति से किसी डेवलपर को भूमि पट्टे पर दे सकते हैं।
- योजना के घटक-ए के अंतर्गत किस प्रकार की वित्तीय सहायता उपलब्ध है?
- उत्पादित नवीकरणीय ऊर्जा डिस्कॉम द्वारा पूर्व-निर्धारित स्तरीय शुल्क पर खरीदी जाएगी। पीपीए की अवधि परियोजना के वाणिज्यिक संचालन तिथि (सीओडी) से 25 वर्ष होगी। डिस्कॉम को उत्पादित बिजली खरीदने के लिए पाँच वर्षों तक 40 पैसे प्रति यूनिट उत्पादित बिजली या 6.6 लाख रुपये प्रति मेगावाट प्रति वर्ष, जो भी कम हो, का खरीद आधारित प्रोत्साहन (पीबीआई) प्रदान किया जाएगा।
- पीएम-कुसुम योजना का घटक-बी क्या है?
- इस घटक के अंतर्गत, किसान ऑफ-ग्रिड क्षेत्रों में अपने मौजूदा डीजल चालित कृषि पंपों को 7.5 एचपी तक की क्षमता वाले स्टैंडअलोन सौर पंपों से बदल सकते हैं। 7.5 एचपी से अधिक क्षमता वाले पंपों की अनुमति दी जा सकती है, हालाँकि, केंद्रीय सब्सिडी 7.5 एचपी के पंप के लिए लागू सब्सिडी तक ही सीमित होगी।
- पीएम-कुसुम के घटक-बी के अंतर्गत कौन पात्र है?
- व्यक्तिगत किसान, जल उपयोगकर्ता संघ और समुदाय/क्लस्टर आधारित सिंचाई प्रणाली इस घटक के अंतर्गत आएंगे।
- क्या सौर पंप की स्थापना के लिए कोई सब्सिडी है?
- पूर्वोत्तर राज्यों, पहाड़ी राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों और द्वीपीय केंद्र शासित प्रदेशों को छोड़कर सभी राज्यों के लिए, केंद्र और राज्य सरकारों द्वारा 30-30% की सब्सिडी प्रदान की जाएगी, और शेष 40% राशि किसान द्वारा सौर पंप की स्थापना के लिए निवेश की जाएगी। ऊपर उल्लिखित प्रतिशत में सब्सिडी बेंचमार्क लागत या निविदा लागत, जो भी कम हो, पर लागू होती है। पूर्वोत्तर राज्यों, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, जम्मू और कश्मीर/लद्दाख और द्वीपीय केंद्र शासित प्रदेशों के लिए, केंद्र सरकार द्वारा 50% और राज्य सरकार द्वारा कम से कम 30% की सब्सिडी सौर पंप की स्थापना के लिए प्रदान की जाएगी। किसान को शेष 20% का निवेश करना होगा।
- पीएम-कुसुम योजना का घटक-सी क्या है?
- इस घटक के अंतर्गत, किसान 7.5 एचपी तक की क्षमता वाले अपने मौजूदा ग्रिड से जुड़े कृषि पंपों को सौर ऊर्जा से संचालित कर सकते हैं। इस योजना के अंतर्गत पंप क्षमता (किलोवाट में) के दो गुना तक सौर पीवी क्षमता की अनुमति है। हालाँकि, राज्य कम सौर पीवी क्षमता की अनुमति दे सकते हैं, जो किसी भी स्थिति में एचपी में पंप क्षमता से कम नहीं होगी। किसान उत्पादित सौर ऊर्जा का उपयोग सिंचाई आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए कर सकेंगे और अतिरिक्त सौर ऊर्जा डिस्कॉम को बेची जाएगी।
- पीएम-कुसुम के घटक ग के अंतर्गत कौन पात्र है?
- व्यक्तिगत किसान, जल उपयोगकर्ता संघ और समुदाय/क्लस्टर आधारित सिंचाई प्रणाली भी इस घटक के अंतर्गत शामिल होंगे।
- क्या पंप के सौरीकरण की स्थापना के लिए कोई सब्सिडी है?
- पूर्वोत्तर राज्यों, पहाड़ी राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों और द्वीपीय केंद्र शासित प्रदेशों को छोड़कर सभी राज्यों के लिए, केंद्र और राज्य सरकारों द्वारा 30-30% की सब्सिडी प्रदान की जाएगी, और शेष 40% राशि किसान द्वारा मौजूदा पंपों के सौरीकरण के लिए निवेश की जाएगी। ऊपर उल्लिखित प्रतिशत में सब्सिडी बेंचमार्क लागत या निविदा लागत, जो भी कम हो, पर लागू होगी। पूर्वोत्तर राज्यों, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, जम्मू और कश्मीर/लद्दाख और द्वीपीय केंद्र शासित प्रदेशों के लिए, मौजूदा पंपों के सौरीकरण के लिए केंद्र सरकार द्वारा 50% और राज्य सरकार द्वारा कम से कम 30% सब्सिडी प्रदान की जाएगी। किसान को शेष 20% का निवेश करना होगा।
- मुझे इस योजना के बारे में अधिक जानकारी कहाँ से मिल सकती है?
- अधिक जानकारी के लिए, कृपया https://mnre.gov.in/solar/schemes/ पर जाएँ या टोल-फ्री नंबर 1800-180-3333 पर कॉल करें।


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Will only farmers get the benefit of this scheme?